माँ
जिसके वर्णन को शब्दों में बांधना नामुम्किन सा हो ,
जिसका ह्रिदय समुद्र से भी गहरा सा हो ;
जीवन की दाता जग जाननी है वोह ,
रिश्तों की दुनिया की एक आनोखी पहेली है वोह ;
लहू के कण कण की संचालिका है जो,
शिष्टाचार एवं सद्गुणों की शिक्षिका है वोह ;
हर दर्द की दवा जानती चिकित्सिका भी है वोह,
ज़िंदगी के हर सुनहरा पल की रचियता है माँ ;
नये पुराने जीवन के सभी अनुभवों का ग्रन्थ है माँ,
घोर अन्धकार में भी साथ न छोड़ने वाली परछाई है माँ ;
जीवन के हर मोड़ पर खड़ी, एक सहेली है माँ ,
रिश्तों की दुनिया की ऐसी अद्भुद पहेली है माँ ;
रिश्तों की दुनिया की एक अद्भुद पहेली है माँ ||
जिसके वर्णन को शब्दों में बांधना नामुम्किन सा हो ,
जिसका ह्रिदय समुद्र से भी गहरा सा हो ;
जीवन की दाता जग जाननी है वोह ,
रिश्तों की दुनिया की एक आनोखी पहेली है वोह ;
लहू के कण कण की संचालिका है जो,
शिष्टाचार एवं सद्गुणों की शिक्षिका है वोह ;
हर दर्द की दवा जानती चिकित्सिका भी है वोह,
ज़िंदगी के हर सुनहरा पल की रचियता है माँ ;
नये पुराने जीवन के सभी अनुभवों का ग्रन्थ है माँ,
घोर अन्धकार में भी साथ न छोड़ने वाली परछाई है माँ ;
जीवन के हर मोड़ पर खड़ी, एक सहेली है माँ ,
रिश्तों की दुनिया की ऐसी अद्भुद पहेली है माँ ;
रिश्तों की दुनिया की एक अद्भुद पहेली है माँ ||